​रांची। झारखंड में जारी गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग और भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने गुरुवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि इस अभियान के चलते राज्य के 1 करोड़ 7 लाख मतदाताओं के बीच अपने मताधिकार को लेकर गहरा संशय और उहापोह की स्थिति बन गई है।

प्रदीप यादव ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में कुल 2.64 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से लगभग 44 लाख मतदाताओं को 'एसडीडी' (SDD) श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा, करीब 63 लाख अन्य मतदाताओं को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है—जिनमें 45 लाख 'लॉजिकल एनामॉली', 15 लाख 'नो मैपिंग' और 3 लाख मतदाता अन्य श्रेणियों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन श्रेणियों के कारण कुल मिलाकर लगभग 1.07 करोड़ वोटरों के सामने अपने मताधिकार को बचाए रखने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।

हाल ही में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों को यह चुनौती दी थी कि यदि पूरे राज्य में 10 व्यक्तियों के भी गलत नाम हटाए जाने के पुख्ता प्रमाण हों, तो प्रस्तुत किए जाएं। प्रदीप यादव ने कहा कि उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र पोड़ैयाहाट (गोड्डा) के 19 ऐसे मतदाताओं की सूची चुनाव आयोग को सौंपी है, जिनके नाम एसआईआर और एएसडीडी के तहत गलत तरीके से हटा दिए गए हैं।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत से 1 करोड़ से अधिक वैध मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा है। प्रदीप यादव ने गृह मंत्री द्वारा एसआईआर पर सवाल उठाने वालों को "अराजक तत्व" कहे जाने पर आपत्ति जताते हुए राहुल गांधी की चुनौती स्वीकार करने की बात कही, ताकि यह साफ हो सके कि लोकतंत्र के लिए कौन सी नीतियां नुकसानदेह हैं।