रांची। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने जेपीएससी-जेएसएससी सीजीएल परीक्षाओं के विज्ञापनों को रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। अदालत ने दोनों पक्षों (प्रार्थियों और राज्य सरकार) की दलीलें सुनने के बाद सरकार की विवादित अधिसूचना पर लगी रोक को अगले आदेश तक बरकरार रखा है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि महज एक अधिसूचना के जरिए सरकार विभिन्न विभागों में पहले से नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों को नेचुरल जस्टिस के सिद्धांतों का पालन किए बिना सेवा से बाहर नहीं कर सकती।
अदालत ने जारी एसआईटी जांच के समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।नियुक्त अभ्यर्थियों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए रिटायर जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अदालत ने साफ किया है कि यदि एसआईटी जांच के नाम पर किसी अभ्यर्थी को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है, तो पीड़ित अभ्यर्थी सीधे जस्टिस गौतम कुमार चौधरी के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इस मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे तय की गई है।
