​रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में गड़बड़ी और धांधली के नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। झारखंड वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) विज्ञापन संख्या-04/2024 की मुख्य परीक्षा को लेकर सीआईडी (अपराध अनुसंधान शाखा) ने अपनी चार्जशीट में चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में पता चला है कि परीक्षा बीतने के 10 दिनों बाद सेटरों ने मनमाने तरीके से परीक्षा केंद्रों के बाहर कॉपियां भरी थीं।

​ज्ञात हो कि 29 जून 2025 को जेपीएसएसी ने 170 पदों पर नियुक्ति के लिए एफआरओ की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) आयोजित की थी। इस पीटी परीक्षा में 2,219 और मुख्य परीक्षा (मेंस) में 743 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए थे, हालांकि इनका इंटरव्यू अभी तक नहीं हो सका है।

सीआईडी अनुसंधान के दौरान नामजद प्राथमिकी अभियुक्त अभय कुमार तिवारी और उसके सहयोगी धर्मेंद्र कुमार के पास से एफआरओ मुख्य परीक्षा से जुड़े 8 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड बरामद किए गए।

​गिरफ्तार टीडीपीएल कर्मी रक्षक सिंह के मोबाइल से एफआरओ पीटी परीक्षा के ओएमआर की कार्बन कॉपी (जिसमें अभ्यर्थी सफल हुए थे), बारकोड वाली उत्तर पुस्तिका, मूल ओएमआर कॉपी और मेंस की उत्तर पुस्तिका के फोटो व वीडियो प्राप्त हुए हैं।

गिरफ्तार एजेंट रवि शंकर कुमार उर्फ 'रवि मास्टर' ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने धर्मेंद्र और टीडीपीएल के माध्यम से दर्जनों अभ्यर्थियों को सेटिंग कराकर परीक्षा में सफल कराया था।

गिरफ्तार आरोपी संजीत कुमार ने अपने माध्यम से पंकज प्रसून और रितिक रौशन नामक दो अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने की बात कबूल की। जांच में यह बात भी सामने आई कि इन दोनों अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा की निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद, बाहर बैठकर अपनी-अपनी कॉपियां लिखी थीं।