​रांची। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा कोर कमेटी की बैठक अल्बर्ट एक्का चौक स्थित सीपीआई कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में सरकार द्वारा झारखंड आंदोलनकारियों के राजकीय मान-सम्मान, रोजी-रोजगार व नियोजन की 100 फीसदी गारंटी और सभी को सम्मान पेंशन के तौर पर 50-50 हजार रुपये देने के आश्वासन को पूरा न किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई गई।

​इसके विरोध में राज्य के स्थापना दिवस यानी 15 नवंबर को रांची में पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र के साथ आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन करने का बड़ा फैसला लिया गया है।

​झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने जानकारी दी कि इस आमरण अनशन कार्यक्रम में राज्य भर से हजारों आंदोलनकारी हिस्सा लेंगे। आंदोलन को सफल बनाने के लिए निम्नलिखित चरणबद्ध सभाएं आयोजित की जाएंगी।

​25 अक्टूबर को रांची के पंच परगना क्षेत्र में विशाल सभा,​1 नवंबर को गिरिडीह में विशाल सभा और 6 नवंबर को गुमला के बनारी स्थित मिशन चौक के पास झारखंड आंदोलनकारी के अमर पुरोधा स्वर्गीय अजीत तिग्गा की जयंती पर उनकी मूर्ति का अनावरण और विशाल सभा का आयोजन होगा।