रांची। झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव, विस्तार और निर्माण कार्य को लेकर बड़ी प्रशासनिक व्यवस्था बदली गई है। राज्य के जिन एनएच पर वाहनों का दबाव अधिक है, उनका नियंत्रण अब राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग से हटाकर केंद्र सरकार की एजेंसी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपा जा रहा है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने झारखंड के संपूर्ण एनएच नेटवर्क की ट्रैफिक समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया है। समीक्षा के दौरान जिन मार्गों से रोजाना 10,000 से अधिक वाहन गुजरते हैं, उन्हें इस हस्तांतरण प्रक्रिया में शामिल किया गया है। मंत्रालय ने झारखंड के मुख्य सचिव और एनएचएआई अध्यक्ष को पत्र भेजकर इस नए फैसले की आधिकारिक जानकारी दी है।
झारखंड का राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य की अर्थव्यवस्था, अंतरराज्यीय व्यापार और धार्मिक पर्यटन की मुख्य रीढ़ साबित हो रहा है। बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों को जोड़ने वाले ये हाईवे न केवल दैनिक यात्रियों के सफर को आसान बना रहे हैं, बल्कि औद्योगिक विकास और माल ढुलाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राज्य की लाइफलाइन माने जाने वाले इन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों में तत्काल प्रभाव से सौंपे जाने वाले मार्ग है।
एनएच-20 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर): बिहार के बख्तियारपुर से शुरू होकर कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी और चाईबासा होते हुए ओडिशा के सतकुटिया तक जाने वाला यह हाईवे झारखंड का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। यह पूरे राज्य को उत्तर से दक्षिण दिशा में आपस में जोड़ता है।
एनएच-139 (बिहार-झारखंड व्यापारिक मार्ग): राजगीर (बिहार) से औरंगाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर होते हुए मेदिनीनगर (पलामू) तक फैला यह मार्ग दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियों की मुख्य कड़ी है।
एनएच-522 (मध्य झारखंड की लाइफलाइन): हजारीबाग से बगोदर होते हुए गिरिडीह तक जाने वाला यह राजमार्ग जीटी रोड (एनएच-19) को मध्य झारखंड के प्रमुख शहरी क्षेत्रों से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
एनएच-114ए(धार्मिक व व्यापारिक कॉरिडोर): दुमका, देवघर और गिरिडीह को जोड़ने वाला यह हाईवे संताल परगना का सबसे व्यस्त मार्ग है। प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बैद्यनाथ धाम तक पहुँचने के लिए श्रद्धालु और व्यापारी इसी मार्ग का सर्वाधिक उपयोग करते हैं।
एनएच-133 (कोयला व माल ढुलाई मार्ग): गोड्डा, हंसडीहा और चौपानद होते हुए बिहार के पीरपैंती तक जाने वाला यह हाईवे संताल परगना क्षेत्र से कोयले और भारी सामान की अंतरराज्यीय आवाजाही के लिए जाना जाता है।
एनएच-419 (औद्योगिक गलियारा): पश्चिम बंगाल के कुलटी/चित्तरंजन से जामताड़ा और धनबाद को जोड़ने वाला यह हाईवे दैनिक यात्रियों के साथ-साथ औद्योगिक परिवहन का मुख्य केंद्र है।
