हजारीबाग। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में आज हजारीबाग समाहरणालय सभागार में जल जीवन मिशन के तहत हजारीबाग, रामगढ़, चतरा और कोडरमा जिले की पेयजलापूर्ति योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, सिंगल विलेज स्कीम,वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और बुनियादी आधारभूत संरचनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कार्यों में हो रहे विलंब और योजनाओं के सुचारू रूप से संचालित न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शुद्ध पेयजल प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

समीक्षा के दौरान जिन योजनाओं में कार्य बंद पाए गए या जिनकी प्रगति असंतोषजनक रही, उन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विभागीय सचिव अबू इमरान ने कहा कि योजनाओं को समय पर पूरा न करने वाले और उन्हें बंद रखने वाले संवेदकों को नियमानुसार लीगल नोटिस जारी किया जाए। साथ ही, विलंब और लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारियों और संवेदकों की जवाबदेही तय की जाएगी। अभियान निदेशक शशि रंजन ने भी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और शिथिलता बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया।

बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेयजलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए और कार्यों में पारदर्शिता व गुणवत्ता सुनिश्चित हो। उन्होंने घोषणा की कि आज दिए गए निर्देशों के अनुपालन और योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा तीन महीने बाद पुनः की जाएगी।

इस उच्चस्तरीय बैठक में विभागीय सचिव अबू इमरान, अभियान निदेशक शशि रंजन, हजारीबाग नगर आयुक्त, कोडरमा उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (हजारीबाग), अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता सहित चारों जिलों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित संवेदक उपस्थित रहे।