रांची। धनतेरस को लेकर राजधानी रांची के बाजार पूरी तरह सज चुके हैं। इस बार बाजार में मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां सोने-चांदी के गिरते दामों से सर्राफा बाजार जगमगा उठा है और ऑटोमोबाइल व मोबाइल सेक्टर में रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ती कीमतों और ऑनलाइन ट्रेंड के कारण बर्तन व कपड़ा कारोबारी अभी भी ग्राहकों की राह देख रहे हैं।
अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल सोनी और सोना चांदी व्यवसायी संघ के जितेंद्र वर्मा के अनुसार हाल के दिनों में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इससे ग्राहकों का रुझान फिर से सोने के आभूषणों और चांदी के बर्तनों की ओर बढ़ा है। आगामी शादी-विवाह के लग्न को देखते हुए इस बार पिछले साल से 20-25% अधिक व्यापार की उम्मीद है। शहर के 500 से अधिक छोटे-बड़े कारोबारियों और ब्रांडेड शोरूम्स को मिला कर इस सीजन में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में खरीदारों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। रांची ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन और कारोबारियों के मुताबिक, धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर डिलीवरी के लिए 8,500 से अधिक गाड़ियों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। इस बार 9,000 से अधिक बाइक और 3,500 से अधिक कारों की कुल बिक्री की उम्मीद है।

प्रेमसंस मोटर्स में करीब 1,000 नई और 200 पुरानी गाड़ियों की बुकिंग का अनुमान है। महिंद्रा की 550 से अधिक गािड़यां बुक हो चुकी हैं। बीएमडब्ल्यू (BMW) की 16 कारों और 8 लग्जरी बाइकों की भी बुकिंग हुई है।
ग्राहकों के बीच 5 से 15 लाख रुपये तक की गाड़ियों में सेलटॉस, कारेंस, डिजायर, स्विफ्ट, विक्टोरिस और एथर जैसी गाड़ियां पहली पसंद बनी हुई हैं।
युवाओं में 5G और आईफोन का क्रेज, 20 करोड़ के मोबाइल कारोबार की उम्मीदः झारखंड मोबाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अनुसार, रांची में इस बार मोबाइल बाजार में 30 से 40% तक की ग्रोथ देखी जा रही है। युवाओं और छात्रों के बीच बजट 5G एंड्रॉयड स्मार्टफोन (5,000 से 20,000) के अलावा आईफोन (iPhone 11, 12, 13) और सैमसंग के फोनों की जबरदस्त मांग है। इस धनतेरस मोबाइल सेगमेंट में 20 करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबार का अनुमान है।
बर्तन और कपड़ा कारोबारियों में निराशाः बाजार में एक तरफ जहां गािड़यों और गहनों की धूम है, वहीं बर्तन और कपड़ा व्यापारी मंदी की मार झेल रहे हैं।
बर्तन बाजार: चर्च रोड के व्यवसायी विकास जायसवाल का कहना है कि बर्तनों के दाम 20% तक बढ़ने से ग्राहकों की संख्या में 30% तक की कमी आई है। 25 सालों में पहली बार व्यापारी ऐसी सुस्ती देख रहे हैं।
कपड़ा बाजार: ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते असर और बदलते ट्रेंड के कारण कपड़ों का कारोबार सुस्त है। थोक वस्त्र विक्रेता संघ के मुताबिक, पिछले साल कपड़ों का 100 करोड़ का कारोबार हुआ था, लेकिन इस बार ग्राहक सिर्फ पर्दे, चादर और सोफा कवर जैसी होम-फर्निशिंग की खरीदारी तक सीमित हैं।
