रांची। झारखंड के दो सबसे प्रमुख सड़क दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) चुटुपालू घाटी और चरही घाटी में हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इन दोनों घाटियों के सुधार और सुरक्षा सुदृढ़ीकरण के लिए 239.40 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आधिकारिक पत्र भेजकर रांची के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ को इस स्वीकृति की जानकारी दी।
राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (नया एनएच-20) का चुटुपालू और चरही घाटी खंड में कुल 5.99 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) का तकनीकी सुधार, घुमावदार मोड़ों को सुरक्षित बनाना और यात्रियों के लिए सुगम सफर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह काम होगा।
परियोजना को हरी झंडी मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए संजय सेठ ने कहा कि चुटुपालू और चरही घाटी लंबे समय से लगातार होने वाले हादसों के कारण अत्यधिक संवेदनशील और जानलेवा बने हुए थे। इन इलाकों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल था।
उन्होंने बताया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने स्वयं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को पत्र लिखकर विशेष हस्तक्षेप की मांग की थी। श्री सेठ ने कहा कि इस बड़ी परियोजना की स्वीकृति मिलना केवल रांची ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के सड़क यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार केवल सड़कों के निर्माण पर ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर रोड नेटवर्क और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग मिल रहा है।
