​नई दिल्ली/रांची। ​झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ के दौरान युवाओं की मौत के मामले को लेकर सियासत गरमा गई है। झारखंड भाजपा के सांसदों ने दिल्ली में संसद भवन के मकर द्वार के समक्ष कांग्रेस पार्टी के "दोहरे रवैये" के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और हेमंत सोरेन सरकार में पिछले छह वर्षों के दौरान हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई (CBI) जांच की मांग दोहराई।

​प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्या साहू ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर दोहरी राजनीति कर रही है।उन्होंने कहा किएक तरफ कांग्रेस दिल्ली में छात्रों के मुद्दों पर हाय-तौबा मचाती है, तो दूसरी तरफ झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल जैसी परीक्षाओं में हुए घोटालों पर उसके नेताओं की जुबान पर ताला लगा हुआ है। उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ में 19 युवाओं की जान चली गई, लेकिन कांग्रेस पूरी तरह मौन है।

​भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार की सीआईडी जांच की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में शराब घोटाले की तरह ही भर्ती घोटालों को भी सीआईडी जांच के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है। निष्पक्ष न्याय के लिए मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।यदि कांग्रेस युवाओं के मुद्दों पर वास्तव में गंभीर है, तो उसे तुरंत हेमंत सोरेन सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए।

​इस विरोध प्रदर्शन में आदित्य साहू के अलावा झारखंड के कई वरिष्ठ भाजपा सांसद शामिल रहे, जिनमें निशिकांत दुबे, बीडी राम, विद्युत वरण महतो, डॉ. प्रदीप वर्मा, कालीचरण सिंह, ढुल्लू महतो और मनीष जायसवाल प्रमुख रूप से उपस्थित थे।