रांची। झारखंड प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में जारी 'विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण' (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान हो रही अनियमितताओं और विसंगतियों को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष गहरी चिंता व्यक्त की है। भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार को ज्ञापन सौंप कर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह एसआईआर के प्रदेश संयोजक राकेश प्रसाद ने ज्ञापन के जरिए बताया कि विशेष कर संथाल परगना प्रमंडल में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लगातार गंभीर शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई अधिकारी और कर्मचारी नियमों के विपरीत काम कर रहे हैं, जो राज्य की चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता के लिए चिंताजनक है।

15 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि के तहत फॉर्म-6, 7 और 8 भरे जा रहे हैं। प्रारूप मतदाता सूची में शामिल जिन लोगों ने सत्यापन के लिए 2003 से संबंधित कोई आधार (दस्तावेज) प्रस्तुत नहीं किया है, उन्हें 'असत्यापित' श्रेणी में रखा गया है। भाजपा ने मांग की है कि इन मतदाताओं की सुनवाई के बाद स्वीकृत की गई सूची को विधानसभा वार सार्वजनिक किया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

साहिबगंज जिले की राजमहल विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में दर्ज अप्रत्याशित वृद्धि और वोटरों की उम्र में पाई जा रही भारी भिन्नता पर भी पार्टी ने सवाल उठाए हैं।

ज्ञापन में शिकायत की गई है कि स्थानीय स्तर पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) को दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है, जिस पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए।

भाजपा ने चुनाव आयोग से इन सभी बिंदुओं का त्वरित संज्ञान लेते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की अपील की है।