​रांची। झारखंड सरकार के नागर विमानन विभाग के अंतर्गत संचालित 'झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट' में एविएशन सेक्टर से जुड़े रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की शुरुआत होने जा रही है। संस्थान के एयर होस्टेस एवं ग्राउंड क्रू ट्रेनिंग विभाग द्वारा 'डिप्लोमा इन एविएशन एंड मैनेजमेंट' पाठ्यक्रम के लिए चयन साक्षात्कार की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है।

​मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की परिकल्पना और मार्गदर्शन में आयोजित इस साक्षात्कार प्रक्रिया में राज्य भर से बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। चयन के दौरान अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, संचार कौशल, अंग्रेजी भाषा में दक्षता, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और विमानन क्षेत्र के प्रति रुचि का पारदर्शी एवं निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया।

​झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के प्रबंध निदेशक कैप्टन एस.पी. सिन्हा ने बताया कि ​देश में तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर को देखते हुए झारखंड के युवाओं को राज्य में ही विश्वस्तरीय व्यावसायिक प्रशिक्षण देना संस्थान की प्राथमिकता है।

​इस प्रशिक्षण से युवाओं को एयरलाइंस, एयरपोर्ट्स, ग्राउंड हैंडलिंग, पैसेंजर सर्विसेज और एविएशन हॉस्पिटैलिटी में करियर के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।

​संस्थान का उद्देश्य केवल सर्टिफिकेट देना नहीं, बल्कि युवाओं में प्रोफेशनल स्किल्स, कम्युनिकेशन, अनुशासन और पर्सनालिटी का सर्वांगीण विकास करना है।

​संस्थान में इससे पूर्व कमर्शियल पायलट लाइसेंस का प्रशिक्षण भी सफलतापूर्वक शुरू किया जा चुका है।

​साक्षात्कार प्रक्रिया समाप्त होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों की प्रथम वरीयता सूची चालू माह के अंतिम सप्ताह तक झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने की संभावना है। चयनित उम्मीदवारों को नामांकन और आगामी प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारियां तय माध्यमों द्वारा भेजी जाएंगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम अगले माह से शुरू होने की उम्मीद है।