रजरप्पा (रामगढ़)। सावन की अंतिम सोमवारी पर प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। 60 हजार से अधिक कांवरियों ने दामोदर-भैरवी संगम स्थल से पवित्र जल उठाया और विभिन्न शिवालयों के लिए रवाना हुए। इस दौरान पूरा रजरप्पा क्षेत्र केसरिया रंग में रंगा नजर आया।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। कांवरियों ने संगम स्थल पर स्नान-ध्यान करने के बाद मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा-अर्चना की और रक्षा सूत्र बंधवाया। अंतिम सोमवारी के अवसर पर मंदिर परिसर में स्थापित 21 फीट ऊंचे शिवलिंग पर हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
इस दौरान गिरिडीह सांसद ने बोल बम कांवरियों को केसरिया ध्वज दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि रामगढ़ में अंतिम सोमवारी के अवसर पर पिछले कई वर्षों से शिवभक्तों की आस्था का सैलाब उमड़ता रहा है। श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव से भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं।
सावन के अंतिम सोमवार को रजरप्पा से रामगढ़ के सिद्धेश्वर धाम तक सड़क पर कांवरियों की कतार दिखाई दी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए अपने-अपने गांवों के शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। रास्ते में शिवभक्तों की सेवा के लिए दर्जनों सेवा शिविर लगाए गए, जहां केला, सेव, बादाम, चना, पानी, शरबत और दूध का वितरण किया गया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रजरप्पा पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। वाहनों की पार्किंग मंदिर से करीब एक किलोमीटर पहले कराई गई, ताकि मंदिर क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में परेशानी न हो।
भक्ति गीतों और डीजे की धुन पर कांवरियों का जत्था नाचते-गाते आगे बढ़ता रहा। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे भी इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए और पूरे भक्तिभाव के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
