जमशेदपुर। राज्यपाल-सह-झारखण्ड राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शिरकत की। एक्सएलआरआई सभागार में आयोजित इस समारोह में उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाली सभी छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान को अपने व्यवहार, कार्य और निर्णयों में उतारना ही शिक्षा की सच्ची सार्थकता है।

छात्राओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि डिग्री आपकी योग्यता का प्रमाण है, लेकिन आपकी असली पहचान आपके चरित्र, प्रतिभा और व्यवहार से बनेगी।उन्होंने छात्राओं से अपने सपनों के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण रखने, जीवनभर सीखते रहने और हर परिस्थिति में आत्मविश्वास बनाए रखने का आह्वान किया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल रोजगार पाने का साधन नहीं है, बल्कि यह विवेक, संस्कार और जिम्मेदारी का बोध कराती है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को कौशल, शोध, नवाचार और समग्र विकास से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को पूरा करने में शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियों की भूमिका सबसे अहम होगी। जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने प्रबंधन से ऐसा शैक्षणिक माहौल तैयार करने का आग्रह किया जहाँ छात्राओं में जिज्ञासा, शोध और नेतृत्व की भावना पनप सके।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य की बेटियों में अपार प्रतिभा है। सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। अंत में उन्होंने छात्राओं से अपनी सफलता को समाज और राष्ट्र की प्रगति से जोड़ने की अपील की ताकि अन्य बेटियों को भी उनसे प्रेरणा मिल सके।