रांची। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड में जारी एसआइआर प्रक्रिया में गंभीर धांधली और घोटाले का आरोप लगाया है। प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरकार और अधिकारियों की मिलीभगत से बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम फर्जी तरीके से वोटर लिस्ट में जोड़ने का बड़ा दावा किया है।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस और झामुमो गठबंधन पहले राज्य में एसआइआर प्रक्रिया का विरोध कर रहा था, और अब सरकार की शह पर इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संताल परगना के राजमहल, साहेबगंज और गोड्डा जैसे क्षेत्रों में फर्जी कागजातों के आधार पर अवैध रूप से बांग्लादेशियों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की साजिश चल रही है। श्री साहू ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा क्षेत्र में पकड़ी गई गड़बड़ियों, 4 ग्रामीणों और एक सीएससी संचालक पर दर्ज प्राथमिकी का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि इस पूरे मामले के पर्दाफाश के लिए पार्टी चुनाव आयोग से लेकर अदालत तक का दरवाजा खटखटाएगी।
प्रेस वार्ता में मौजूद प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि संताल परगना के कई इलाकों में बीएलए-2 पर दबाव बनाया जा रहा है और भ्रष्ट अधिकारी आपत्तियां स्वीकार करने से बच रहे हैं। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि जब जाति और आवासीय प्रमाणपत्र ऑनलाइन बन रहे थे, तो अचानक 3 महीने के लिए ऑफलाइन सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था क्यों शुरू की गई? उन्होंने आशंका जताई कि यह छूट केवल बांग्लादेशी नागरिकों को अनुचित मदद पहुंचाने के लिए दी गई है।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
भाजपा बौखलाहट में लगा रही मनगढ़ंत आरोपः झामुमो
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं और बीएलए-2 को गोड्डा व गढ़वा समेत कई जिलों में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में गड़बड़ी करते स्थानीय लोगों ने रंगे हाथ पकड़ा था, जिसके बाद उन पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। इसी बौखलाहट में भाजपा अब निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है और राजनीतिक लाभ के लिए एक विशेष समुदाय को निशाना बना रही है। विनोद पांडेय ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण चुनाव आयोग की एक संवैधानिक प्रक्रिया है। संथाल परगना को लेकर भाजपा नेताओं की भाषा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम, उम्र या पते की त्रुटि को सीधे 'बांग्लादेशी घुसपैठ' से जोड़ना गलत है। अगर कोई फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कुछ मामलों के आधार पर पूरे समुदाय को संदेह के घेरे में नहीं खड़ा किया जा सकता। श्री पाण्डेय ने भाजपा को चुनौती दी कि राजनीतिक भ्रम फैलाने के बजाय यदि उनके पास गड़बड़ी का कोई ठोस प्रमाण है, तो उसे चुनाव आयोग और प्रशासन के समक्ष पेश करें। उन्होंने कहा कि झामुमो लोकतांत्रिक पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है और किसी भी वास्तविक गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
भाजपा को हर मुसलमान में दिखता है घुसपैठियाः कांग्रेस
भाजपा द्वारा एसआईआर प्रक्रिया में धांधली बरते जाने की शिकायत पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा की राजनीति अब इतनी नीचे गिर चुकी है कि उसे हर मुसलमान घुसपैठिया और हर अधिकारी विपक्ष का एजेंट नजर आने लगा है। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले यह तय करे कि उसे मतदाता सूची की जांच चाहिए या धर्म देखकर मतदाताओं की छंटनी करनी है। अगर किसी व्यक्ति की नागरिकता या मतदाता सूची में नाम को लेकर वास्तविक आपत्ति है, तो कानून ने इसके लिए पूरी प्रक्रिया तय कर रखी है। राकेश सिन्हा ने भाजपा को प्रमाण सामने लाने की चुनौती भी दी।
