​रांची।ऑल इंडिया स्तर पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार 11 सितंबर को रांची समेत पूरे झारखंड में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूर्ण हड़ताल रही।

​केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बैंक कर्मचारी और अधिकारी आंचलिक कार्यालयों के बाहर एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ओवरब्रिज स्थित प्रधान टावर (बैंक ऑफ इंडिया), कचहरी चौक (भारतीय स्टेट बैंक), कांटाटोली (पंजाब नेशनल बैंक) और अरगोड़ा चौक (यूनियन बैंक) सहित तमाम रीजनल ऑफिसों के बाहर तंबू गाड़कर विरोध जताया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कर्मी भी सक्रिय रूप से हिस्सा लीं।

केंद्रीय श्रमायुक्त कार्यालय में बैंक प्रबंधन, वित्त मंत्रालय और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच दो दिनों तक चली द्विपक्षीय वार्ता बुधवार को बेनतीजा खत्म हो गई थी। इसके बाद 11 सितंबर को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का फैसला लिया गया।

​राज्यभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कार्यरत 30 से 35 हजार अधिकारी और कर्मचारी सीधे तौर पर इस हड़ताल में शामिल हुए।शुक्रवार की हड़ताल के बाद दूसरा शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी के कारण बैंकों में लगातार तीन दिनों तक कोई कामकाज नहीं होगा।

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि यदि केंद्र सरकार ने मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की, तो यूनियनें 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगी। इसके बावजूद समाधान न निकलने पर अक्टूबर के अंत से पूरे देश में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।