रांची। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में 30 मासूम आदिवासी बच्चों की मौत के मामले पर झारखंड की राजनीति में उबाल आ गया है। सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आदिवासी विरोधी करार देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग की है।
गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में झामुमो विधायक डॉ. लुईस मरांडी और सुदीप गुड़िया ने मध्य प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। डॉ. लुईस मरांडी ने कहा कि बालाघाट के बिरसा और बैहर विकासखंड के सुदूर क्षेत्रों में जून माह से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) बैगा और गोंड समुदाय के बच्चों में बीमारी व मौतों का सिलसिला जारी है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक 30 मासूम बच्चों की जान जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जून में ही मामले की जानकारी मिलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने घोर उपेक्षा बरती।
झामुमो नेता सुदीप गुड़िया ने कहा कि मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, जिसके कारण मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना पड़ा। उन्होंने स्वास्थ्य खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस ने रांची स्थित लोक भवन के समक्ष मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन व धरना आयोजित किया। प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष राज उरांव ने कहा कि दूरदराज के वन क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों का अभाव, खसरा टीकाकरण में भारी कमी और आशा व एएनएम के खाली पड़े पद इस बात का प्रमाण हैं कि भाजपा सरकार आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं देने में विफल रही है।
विरोध प्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर मध्य प्रदेश सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की।
