नई दिल्ली/रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली की सीबीआई जांच कराने की मांग अब देश की शीर्ष अदालत पहुंच गई है। 'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच' की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में दो इंटरवेंशन एप्लिकेशन (आइए) दाखिल कर हस्तक्षेप करने और छात्रों का पक्ष रखने की अनुमति मांगी गई है।

हरिशरण देवगण बनाम झारखंड सरकार के इस मामले की सुनवाई पहले 11 सितंबर को प्रस्तावित थी। हालांकि, दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के कारण अब सुप्रीम कोर्ट 16 सितंबर को इस पर सुनवाई करेगा।

मंच के अनुसार न्यायालय से आवेदन स्वीकार होने के बाद देश के प्रतिष्ठित अधिवक्ता छात्रों से जुड़े तथ्यों, साक्ष्यों और सीबीआई जांच की अनिवार्यता को मजबूती से रखेंगे।

मंच ने स्पष्ट किया है कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा या अभ्यर्थी की नहीं, बल्कि राज्य की समूची परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की है। रिफॉर्म मंच ने छात्रों से संयम बरतने और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर लंबा आंदोलन हुआ था।