​रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा में हुई कथित अनियमितता से जुड़े मामले में गिरफ्तार आयोग की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक स्वेता गुप्ता की जमानत याचिका पर शुक्रवार को रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में सुनवाई पूरी हुई। दोनों पक्षों की ओर से जोरदार बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

सुनवाई के दौरान सीआईडी ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपी स्वेता गुप्ता ने अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप्प के जरिए परीक्षा की 'आंसर-की'लीक की थी। आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए सीआईडी ने याचिका खारिज करने की मांग की। साथ ही, जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष मामले से जुड़ी करीब 1,000 पन्नों की विस्तृत केस डायरी भी प्रस्तुत की।

दूसरी ओर स्वेता गुप्ता के अधिवक्ताओं इंद्रजीत सिन्हा और विक्रांत सिन्हा ने सीआईडी के दावों को बेबुनियाद बताया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि परीक्षा धांधली में उनकी मुवक्किल की कोई भूमिका नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए।

उल्लेखनीय है कि सीआईडी ने स्वेता गुप्ता को अगस्त महीने में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं।