​रांची / दोहा। झारखंड और भारत के जनजातीय समाज के लिए गौरव का क्षण सामने आया है। जनजातीय कला, संस्कृति, फैशन और उद्यमिता को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में जुटी संस्था ‘द प्राइड ऑफ ट्राइब’ (TPOT) की अंतरराष्ट्रीय पहलों को बड़ी सफलता मिली है।

​कतर की राजधानी दोहा में आयोजित यूएनओ के 9वें 'वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट फोरम-2026' में संस्था की संस्थापक एवं निदेशक कांति गाड़ी और नेपाल के थारू आदिवासी नेता फूलमन चौधरी के नेतृत्व में आदिवासी उद्यमिता व विज़न को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया गया। इस प्रभावशाली सहभागिता के बाद अब पड़ोसी देश नेपाल ने 23-24 जनवरी 2027 को रांची में आयोजित होने वाले ‘नेशनल ट्राइबल फैशन वीक (सीजन-1)’ को अपना आधिकारिक समर्थन देने की घोषणा की है।

नेपाल के समर्थन से दोनों क्षेत्रों के जनजातीय इलाकों को सांस्कृतिक पर्यटन और होमस्टे नेटवर्क से जोड़ने की योजना है, जिससे ग्रामीण रोजगार और महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

दोहा प्रवास के दौरान कांति गाड़ी ने कतर में भारतीय राजदूत से मुलाकात कर प्रस्तावित 'एशियन ट्राइबल बिजनेस समिट' पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

​संस्था का उद्देश्य सोहराय, कोहबर चित्रकला, टसर सिल्क और डोकरा शिल्प जैसी पारंपरिक कलाओं को अंतरराष्ट्रीय फैशन और व्यापारिक बाजार से जोड़ना है।

​सामाजिक कार्यकर्ता व ट्राइबल लीडर अनिल अमिताभ पन्ना ने कांति गाड़ी को बधाई देते हुए TPOT के संकल्प ‘गांव का हुनर, दुनिया का रैंप’ की सराहना की और इसे आदिवासी संस्कृति व आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए मील का पत्थर बताया।