देवघर। जिले के शीर्ष अधिकारियों की तत्परता ने सड़क हादसे में जख्मी दो घायलों की जान बचा ली। गोल्डन ऑवर में अधिकारियों ने जख्मी को इलाज के लिए सदर अस्पताल भिजवाया, जिसके कारण उनका समय पर इलाज शुरू हुआ और जन बच गई। असल में, डीसी सौरभ कुमार भुवानिया, डीडीसी पीयूष सिन्हा और एसडीओ रवि कुमार के साथ देवघर प्रखंड के गिधनी पंचायत में विकास योजनाओं का निरीक्षण करने निकले थे। डीसी पुनासी मत्स्य विभाग के कार्यों का जायजा लेने जा रहे थे। इस दौरान अधिकारियों का काफिला जब केनमनकाठी मोड़ से आगे गुजर रहा था, तभी एक बाइक और साइकिल के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों सवार बुरी तरह जख्मी हो गए और खून से लथपथ होकर अचेत अवस्था में सड़क किनारे पड़े हुए थे। वहां कई राहगीर भी थे, लेकिन सभी मूकदर्शक बने हुए थे। कोई घायलों की मदद नहीं कर रहा था। इस दौरान डीसी की नजर घायलों पर पड़ी। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने काफिले को रुकवाया और खुद घायलों के पास पहुंचे। घायलों की गंभीर स्थिति और अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए डीसी समेत अन्य अधिकारियों ने एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय मौके पर मौजूद डीडीसी पीयूष सिन्हा और एसडीओ रवि कुमार ने फर्स्ट रिस्पांस किया। दोनों अधिकारियों ने बिना समय गंवाए घायलों को अपने सरकारी वाहन से अविलंब जसीडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए। सीएचसी में तैनात चिकित्सकों ने जिला प्रशासन की इस तत्परता को देखते हुए आपातकालीन चिकित्सा शुरू की। वहां प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देकर दोनों मरीजों की स्थिति को स्थिर किया गया, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, यदि अधिकारियों द्वारा गोल्डन ऑवर (दुर्घटना के ठीक बाद का कीमती समय) में घायलों को अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता, तो अत्यधिक खून बहने के कारण कोई भी अनहोनी हो सकती थी। डीसी और उनके दोनों अधीनस्त अधिकारी डीडीसी और एसडीओ की इस तप्परता की प्रशासनिक महकमे के साथ-साथ आम लोगों के बीच में खूब सराहना हो रही है।
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