मेदिनीनगर। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस जवान का सरकारी हथियार (एसएलआर) गायब होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद हथियार को रिश्तेदार के घर से ही बरामद कर लिया गया। इस मामले में लापरवाही बरतने और पुलिस को गुमराह करने पर एसपी कपिल चौधरी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जवान को तत्काल निलंबित कर दिया है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।

सदर अनुमंडल के 47 परीक्षा केंद्रों पर झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा संचालित की जा रही थी। विश्रामपुर थाना क्षेत्र के नौगढ़ा ओपी में पदस्थापित जवान संजीव तिवारी की ड्यूटी शहर के एक परीक्षा केंद्र पर लगाई गई थी।

ड्यूटी के लिए जवान अपना सरकारी हथियार एसएलआर लेकर शनिवार रात नौगढ़ा से शहर थाना क्षेत्र के रेडमा स्थित एक रिश्तेदार के घर रुका था। रविवार सुबह उठने पर उसने शहर थाना को सूचना दी कि उसका एसएलआर गायब हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जब छानबीन शुरू की, तो जवान के रिश्तेदार के घर से ही सोफे के नीचे छिपाकर रखा गया एसएलआर बरामद कर लिया गया। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि जवान ने रात में नशा किया था, जिसके बाद उसने हथियार के वाहन से गायब होने की झूठी बात कहकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी।

एसपी कपिल चौधरी ने बिश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। एसपी ने इसे "घोर लापरवाही" करार दिया है।

एसपी ने बताया कि जवान संजीव तिवारी द्वारा हथियार और घटना के संबंध में सही जानकारी नहीं दी जा रही थी और उसने पुलिस को गुमराह किया।

जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा उस पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।घटना के समय जवान की शारीरिक और मानसिक स्थिति का पता लगाने के लिए उसका मेडिकल टेस्ट भी कराया जा रहा है।