रांची। प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की पारदर्शिता और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। पार्टी विधायक दल के नेता सुरेश पासवान ने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव के दौरान एसआईआर की प्रक्रिया से करीब 90 लाख गरीबों, मजदूरों और किसानों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे।
पार्टी ने एसआईआर के साथ-साथ खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 (एमएमडीआर) और जनगणना से ओबीसी कॉलम हटाए जाने के विरोध में भी सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया है। प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव की मौजूदगी में सुरेश पासवान ने कहा कि सीईसी और प्रधानमंत्री के विरोध में रविवार को रांची के धुर्वा बस स्टैंड पर पुतला दहन किया जाएगा।
