कर्रा (खूंटी)। गरीबी और मुफलिसी से जूझ रहे राजेश लोहरा ने कभी नहीं सोचा था कि परिवार की दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने का फैसला उसे जिंदगी के सबसे बड़े दुख के मुहाने पर लाकर खड़ा कर देगा। परिवार के 10 सदस्यों का पेट पालने के लिए राजेश महज दो दिन पहले मजदूरी करने गुजरात गया था। उसे क्या मालूम था कि उसके पीछे एक ऐसा तूफान आएगा, जो उसकी पूरी दुनिया उजाड़ देगा।
गुरुवार की रात कर्रा–तोरपा मार्ग पर अनियंत्रित ट्रेलर ने राजेश लोहरा और बिरसा नायक के परिवार पर कहर बरपा दिया। इस भीषण सड़क हादसे में राजेश के परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में उसकी पत्नी फगन संगा, मां करमी लोहराईन और दो मासूम बेटियां—सुभानी कुमारी (10 वर्ष) व सोनी कुमारी (8 वर्ष) शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घर लौटने तक के पैसे नहीं, बेबस मजदूर को प्रशासन ने थमाया सहारा
इस हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर गुजरात में बेसहारा खड़े राजेश लोहरा की है। जिस व्यक्ति ने अपनों को भूखा न सोना पड़े इसलिए परदेश का रुख किया था, आज उसी के पास उजड़े घर लौटने तक के पैसे नहीं हैं। आर्थिक तंगी की बेबसी ऐसी कि वह चाहकर भी तुरंत अपने परिवार के पास नहीं पहुंच पा रहा था।
राजेश की इस बेबसी की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। प्रशासन ने राजेश के लिए हवाई जहाज के टिकट और आर्थिक सहायता की व्यवस्था की है, ताकि वह समय पर घर पहुंचकर अपने परिजनों को अंतिम विदाई दे सके।
राष्ट्रपति, पीएम मोदी और सीएम हेमंत सोरेन ने जताया गहरा शोक
खूंटी हादसे में कुल सात लोगों की असामयिक मौत पर देश और राज्य के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा दुख व्यक्त किया है:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: सड़क दुर्घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: पीएमओ के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट कर हादसे पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
राज्यपाल: घटना पर गहरा शोक जताते हुए घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन: हादसे को हृदयविदारक बताते हुए मरांग बुरु से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल, अर्जुन मुंडा ने डीटीओ से मांगा जवाब
हादसे के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन को लेकर जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) हरिशंकर बारी से कड़े सवाल किए। उन्होंने पूछा कि उक्त मार्ग पर अधिकतम कितने वजन वाले वाहनों को प्रवेश की अनुमति है और ओवरलोडिंग रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने सीओ और बीडीओ से पीड़ित परिवारों को मिलने वाले सरकारी मुआवजा व सहायता राशि की त्वरित प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
