चतरा। मगध कोयला परियोजना में सोमवार तड़के केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (siaiesef) ने अवैध कोयला परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सीआईएसएफ के जवानों ने खदान क्षेत्र से संदिग्ध परिस्थितियों में निकल रहे पांच हाइवा को जब्त कर लिया। इन सभी वाहनों में क्षमता से अधिक यानी ओवरलोड कोयला लदा हुआ था। सुरक्षा बलों को देखकर चालक गाड़ियों को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार 5 अक्टूबर 2026 की तड़के करीब 3:00 बजे मगध परियोजना की खदान से पांचों हाइवा संदिग्ध अंदाज में बाहर की ओर निकल रहे थे। वहां तैनात सीआईएसएफ जवानों ने जब टॉर्च और इशारे से वाहनों को रोकने का संकेत दिया, तो चालकों ने गाड़ी धीमी करने के बजाय रफ्तार तेज कर दी और भागने का प्रयास किया।
जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत गाड़ियों का पीछा करना शुरू किया। कुछ दूरी तक पीछा किए जाने के बाद चालकों ने खुद को घिरता देख ओझा टांड़ गांव के पास सड़क किनारे ही हाइवा खड़े कर दिए और अंधेरे का फायदा उठाकर ओझा टोला के जंगलों की तरफ भाग निकले।
घटना की भनक लगते ही सीआईएसएफ सीसीएल एनके और पिपरवार क्षेत्र के कमांडेंट अमित कुमार ने तुरंत संज्ञान लिया और विशेष टीम को मौके पर रवाना किया। सीआईएसएफ की टीम ने ओझा टोला की तरफ से पूरे इलाके की मुस्तैद घेराबंदी की और पांचों कोयला लदे हाइवा को अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान बैकअप के लिए सीआईएसएफ की दूसरी टीम भी मौके पर पहुंच गई थी।
प्रारंभिक छानबीन और रूट ट्रैक से यह आशंका जताई जा रही है कि पकड़े गए वाहन मगध खदान से निकलने के बाद बरवाडीह होते हुए फूलबसिया ओवरब्रिज के रास्ते बालूमाथ और चतरा की तरफ जाने की फिराक में थे। हालांकि, यह कोयला किस मंडी या किसे सप्लाई किया जाना था, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।
कोयले के इस संदिग्ध उठाव और अवैध परिवहन को लेकर खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस फरार चालकों व गाड़ियों के मालिकों का सुराग जुटाने में जुटी है।
