​रांची। झारखंड में सुरक्षा बलों के लगातार बढ़ते दबाव और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर भाकपा (माओवादी) संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। कोल्हान, सारंडा और लातेहार के दुर्गम इलाकों में सक्रिय 16 नक्सलियों ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय, रांची में डीजीपी तदाशा मिश्र और सीआरपीएफ आईजी साकेत सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। मुख्यधारा में लौटने वाले इन उग्रवादियों में 11 पुरुष और 5 महिला सदस्य शामिल हैं।

​इस मौके पर डीजीपी तदाशा मिश्र ने सभी का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इस कदम से जंगलों में भटक रहे अन्य नक्सलियों को भी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिलेगी, जिससे राज्य से नक्सलवाद का खात्मा संभव हो सकेगा।

​झारखंड पुलिस के आईजी ऑपरेशंस नरेंद्र कुमार सिंह ने इसे सुरक्षा बलों के लिए एक ऐतिहासिक दिन करार दिया। उन्होंने बताया कि 21 मई को "ऑपरेशन नवजीवन "के तहत 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद "ऑपरेशन नवजीवन-2" चलाकर यह सफलता हासिल की गई है।आईजी के अनुसार हाल ही में 13 जुलाई को 20 लाख के इनामी रवींद्र गंझू और 17 जुलाई को 25 लाख के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर की गिरफ्तारी के बाद अब संगठन लगभग खत्म होने की कगार पर है।

​आत्मसमर्पण करने वालों में कई शीर्ष और इनामी नक्सली शामिल हैं, जो पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल के नेटवर्क से जुड़े थे।

गिरिडीह निवासी ​संतोष उर्फ बासुदेव दा (रीजनल कमांडर) पर 15 लाख रुपये का इनामथा और उनके खिलाफ 128 आपराधिक मामले दर्ज है।

खूंटी निवासी ​चंदन लोहरा (जोनल कमांडर) पर 10 लाख रुपये का इनाम था और लोहरदगा निवासी​ अनिल तुरी उर्फ उज्जवल (सब-जोनल कमांडर) पर 5 लाख रुपये का इनाम था।

​आत्मसमर्पण करने वाले 16 में से 15 सदस्य झारखंड के विभिन्न जिलों (पश्चिमी सिंहभूम, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग, खूंटी, बोकारो, रांची, सरायकेला, गिरिडीह) के रहने वाले हैं, जबकि एक सदस्य ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले का निवासी है। ​माओवादियों ने आत्मसमर्पण के दौरान सुरक्षा बलों के सामने घातक हथियारों का जखीरा सौंपा, जिसमें 6 इंसास राइफल, 2 एके-47, 1 एचके-33, 1 एम-16 राइफल,1 यूएस कार्बाइन, 38 मैगजीन और 1,562 राउंड जिंदा कारतूस शामिल हैं।

​झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर के संयुक्त अभियानों का असर पड़ोसी राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। इसी नेटवर्क से जुड़े 8 अन्य माओवादी (3 पुरुष, 5 महिलाएं) छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिलों में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में हैं।