रांची। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

​अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल इतिहास की एक तिथि नहीं, बल्कि एक निरंतर जिम्मेदारी है। झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर एक नए पड़ाव पर खड़ा है और अब राज्य को अगले 25 वर्षों की दिशा तय करनी है।

​विगत तीन सप्ताह से चल रहे छात्र आंदोलन और जेपीएससी व जेएसएससी की परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों के बीच मुख्यमंत्री का यह संबोधन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि

​झारखंड के लाखों युवा अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपकी मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्टाचार तंत्र या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।

​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल दोषियों को पकड़ना ही समाधान नहीं है, बल्कि ऐसी पारदर्शी व्यवस्था तैयार करनी होगी जहां गड़बड़ी की गुंजाइश ही न रहे। सरकार इसके लिए कई कदम उठाने जा रही है। जिनमें जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य भर्ती एजेंसियों के लिए समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर।उत्तर-कुंजी और ओएमआर शीट की समयबद्ध उपलब्धता।तकनीकी रूप से सुरक्षित परीक्षा प्रणाली और परीक्षा प्रक्रिया में बहुस्तरीय जवाबदेही तय करना शामिल है।

​मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखंड के विकास का मॉडल केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि, पारंपरिक हुनर, वनोपज और स्टार्टअप को भी बढ़ावा दिया जाएगा।हाल ही में आयोजित 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' के बाद 16 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिनमें से 10 के धरातल पर उतरने से 22 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

​श्रीसोरेन ने कहा कि 'बिरसा हरित ग्राम योजना' के तहत करीब 2.15 लाख एकड़ भूमि पर हरित खेती को बढ़ावा दिया गया है, जिससे लगभग 7 लाख परिवारों की आजीविका जुड़ी है।‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के तहत महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है।

​मुख्यमंत्री ने युवाओं से सरकार पर विश्वास बनाए रखने का आग्रह किया और दोहराया कि राज्य का विकास प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक न्याय के संतुलन के साथ ही आगे बढ़ेगा।

ध्वजारोहण से पूर्व मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया। इस बार समारोह में एक खास पहल देखने को मिली पहली बार राष्ट्रगीत का पूरा अंतरा गाकर तिरंगा फहराया गया, जिसके बाद राष्ट्रगान हुआ।