बोकारो। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की कथारा कोल वाशरी का तटबंध टूटने से दूषित पानी सीधे दामोदर नदी में बह रहा है। इस गंभीर लापरवाही पर जमशेदपुर(पूर्वी)के विधायक और पर्यावरणविद् सरयू राय ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बोकारो जिला प्रशासन से सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में मामला ले जाने और बेरमो एसडीओ के माध्यम से आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।

सरयू राय ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे को उठाते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि कथारा कोल वाशरी दामोदर नदी के बिल्कुल किनारे स्थित है। तटबंध टूटने के कारण वाशरी से निकलने वाला जहरीला और दूषित पानी तेज बहाव के साथ नदी में समा रहा है। इससे दामोदर का पानी दूर-दूर तक प्रदूषित हो गया है, जिसका सीधा और घातक असर जलीय जीवों, विशेषकर मछलियों पर पड़ रहा है।

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि खेतको और आसपास के दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी अपनी दैनिक जरूरतों के लिए दामोदर नदी पर ही निर्भर है। नदी का पानी जहरीला होने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य और आजीविका पर गंभीर संकट मंडराने लगा है।

कथारा वाशरी से दामोदर नदी में फैलते प्रदूषण का यह मुद्दा नया नहीं है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में भी इस बात का स्पष्ट जिक्र किया गया था कि कथारा वाशरी के अपशिष्ट से दामोदर नदी प्रदूषित हो रही है। रिपोर्ट में सीसीएल द्वारा प्रदूषण रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के मानकों की अनदेखी जारी रही, जिसका नतीजा इस तटबंध हादसे के रूप में सामने आया है।