जमशेदपुर। मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन, झारखंड और थैलेसीमिया सोसाइटी ऑफ जमशेदपुर के संयुक्त सहयोग से एमबीबीएस के नए छात्रों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी चिकित्सकों को जनस्वास्थ्य से जुड़े दो अहम विषयों- रक्तदान और थैलेसीमिया के प्रति संवेदनशील बनाना था। इसमें लगभग 250 मेडिकल छात्रों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन के संस्थापक सुनील मुखर्जी और थैलेसीमिया सोसाइटी के महासचिव नरेंद्र कुमार ने छात्रों को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व, जरूरतमंदों के लिए सुरक्षित रक्त की उपलब्धता और थैलेसीमिया की रोकथाम के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि एक डॉक्टर के रूप में ये छात्र समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और रक्तदान के प्रति झिझक को दूर करने मंर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

इस अवसर पर झारखंड के पूर्व सिविल सर्जन और मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के प्रशासक डॉ. महेश्वरी प्रसाद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कॉलेज प्रशासन का यह प्रयास भविष्य के डॉक्टरों को चिकित्सीय ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक करना है।