रांची। राज्य में करीब 10 साल के लंबे अंतराल के बाद झारखंड पात्रता परीक्षा (जेटेट) रविवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई। झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक, रांची) की ओर से आयोजित इस परीक्षा के लिए राज्यभर में कुल 986 केंद्र बनाए गए थे, जिनमें राजधानी रांची के 101 केंद्र शामिल थे। जैक के अनुसार, दोनों पालियों को मिलाकर कुल 85 फीसदी प्रतिभागी उपस्थित रहे।
पहली पाली (लेवल-2: कक्षा 1 से 5वीं तक के शिक्षक पद): इस पाली के लिए 3,69,705 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 56,607 अनुपस्थित रहे। इस प्रकार, इस पाली में कुल 84.69% अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
दूसरी पाली (कक्षा 6 से 8वीं तक के शिक्षक पद): इस पाली में 1,96,211 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे, जिनमें से 24,066 अनुपस्थित रहे। इस पाली में कुल 87.73% अभ्यर्थी शामिल हुए।
परीक्षा को पारदर्शी और कदाचार मुक्त बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट में किए गए नए बदलाव की सराहना की। उनका कहना था कि शीट पर नाम और रोल नंबर जैसी जरूरी जानकारियां पहले से दर्ज होने से काफी सुविधा हुई और समय की बचत भी हुई।
भले ही परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई, लेकिन अभ्यर्थियों के मन में पेपर लीक होने को लेकर आशंका बनी हुई है। छात्रों ने मांग की है कि परीक्षा का परिणाम पूरी पारदर्शिता के साथ जारी किया जाए। इसके साथ ही, अभ्यर्थियों ने यह भी मांग उठाई है कि भविष्य में जेटेट परीक्षा का आयोजन नियमित अंतराल पर किया जाना चाहिए।
