​रांची। राज्य में करीब एक दशक के लंबे अंतराल के बाद 1 नवंबर को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट 2026) का आयोजन किया जा रहा है। इतने वर्षों बाद परीक्षा होने के कारण अभ्यर्थियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर परीक्षा को पूरी तरह से कदाचारमुक्त, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार और प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है।

​मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या कदाचार के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में नकल करने या कराने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

​ऐसे मामलों से सख्ती से निपटने के लिए झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत चेतावनी जारी की गई है कि नकल करते हुए पकड़े जाने पर अभ्यर्थी को 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और 3 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। सीएम ने इस निष्पक्ष अभियान में सभी अभ्यर्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है।

​परीक्षा को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) ने जिला प्रशासन के सहयोग से व्यापक तैयारियां की हैं।राज्यभर के सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए पल-पल की गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी।

परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की कड़ी तलाशी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए संवेदनशील और प्रमुख जिलों को कुल 112 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर आवंटित किए गए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक या अन्य सामग्री परीक्षा हॉल तक न पहुंच सके।रांची से लेकर जामताड़ा तक हर परीक्षा केंद्र के बाहर और भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

​यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें, ताकि प्रवेश के दौरान होने वाली औपचारिकताएं (जैसे सघन तलाशी और दस्तावेजों की जांच) समय पर पूरी की जा सकें।