खूंटी। छह सूत्री मांगों के समर्थन में झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया, संयोजिका एवं अध्यक्ष संघ (खूंटी जिला इकाई) का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। 5 अक्तूबर से समाहरणालय परिसर में टेंट लगाकर महिलाएं दिन-रात प्रदर्शन कर रही हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के बावजूद महिलाओं ने रात टेंट में ही गुजारी और मंगलवार को बारिश के बीच भी धरनास्थल पर डटी रहीं। आंदोलित महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, प्रदर्शन जारी रहेगा।
संघ की प्रमुख मांगों में वर्ष 2020 का बकाया ₹5500 दुर्गापूजा से पहले, वर्ष 2024 का शेष ₹1000 तथा जुलाई 2026 से अब तक के लंबित मानदेय का तुरंत भुगतान किया जाए। साथ ही हर महीने नियमित मानदेय सुनिश्चित हो।
विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की सामग्री संयोजिका के माध्यम से खरीदी जाए, ताकि शिक्षक केवल शिक्षण कार्य पर ध्यान दे सकें।संत जोसेफ उच्च विद्यालय (तोरपा) की अध्यक्ष रजनी लुगुन को पुनः पद पर बहाल किया जाए। आधार कार्ड के अनुसार 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवामुक्त की गई रसोइयों के स्थान पर उनके परिवार के सदस्यों को काम दिया जाए। इसके अलावा, ड्रेस कोड हेतु दो सेट साड़ी के लिए ₹500 खाते में भेजे जाएं या सीधे साड़ी उपलब्ध कराई जाए।
जिला अध्यक्ष रजनी लुगुन, जिला सचिव संजू देवी और जिला कोषाध्यक्ष अनिता भेंगरा ने कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण ही महिलाओं को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है।
धरने में नीमी हेरेंज, अनिमा गुड़िया, पुष्पा देवी, अंजली देवी, हीरामनी देवी, पुनीता कुमारी, विमला देवी, निन्तामनी देवी, सुषमा देवी, नन्दी देवी, सोमारी देवी, मुनिका गुड़िया, बेरोनिका गुड़िया और अगुस्टीना हंस सहित कई महिलाएं उपस्थित थीं।
