​रांची। राज्य में लोगों के स्वास्थ्य और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। आगामी त्योहारों को देखते हुए राज्यभर में मिलावटखोरी के खिलाफ 7अक्टूबर से सघन जांच अभियान शुरू किया जा रहा है। अब सड़क किनारे ठेले-खोमचे पर बिकने वाले गोलगप्पे और समोसे से लेकर चार सितारा होटलों तक में परोसे जाने वाले भोजन की कड़ी जांच की जाएगी। नमूने में गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

​स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने राज्य के सभी जिलों के अभिहित अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों (एफएसओ) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर इस अभियान की रूपरेखा तय की।

​जांच सिर्फ मिठाई या पनीर तक सीमित नहीं रहेगी। ठेले-खोमचे, रेस्तरां, बड़े प्रतिष्ठानों और 4-स्टार होटलों से भी सैंपल लिए जाएंगे।त्वरित जांच के लिए 3 मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन तैनात की गई हैं, जिनमें से 2 रांची और 1 धनबाद में मौके पर ही खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच करेंगी।

​रांची स्थित फूड सेफ्टी लैब को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और त्योहारों से पहले जरूरी केमिकल्स व टेस्टिंग किट खरीदने के निर्देश दिए गए हैं।

संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त अनुज कुमार प्रसाद खुद फील्ड में उतरकर सैंपलिंग और जांच प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगे। सभी जिलों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया है।

​दुर्गा पूजा से पहले स्वास्थ्य विभाग इस अभियान की समीक्षा बैठक करेगा, जिसमें जिलों में लिए गए सैंपल, जांच रिपोर्ट और की गई कार्रवाइयों का पूरा ब्योरा लिया जाएगा।

​इस बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव संदीप कुमार दोराईबुरू, संयुक्त सचिव अनुज कुमार प्रसाद और उप सचिव ध्रुव प्रसाद समेत सभी जिलों के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।