​रांची। एसआईआर-2026 (गहन पुनरीक्षण अभियान) के तहत मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने और पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए राज्य भर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ और एईआरओ को निर्देश दिया है कि 7, 8 और 9 अक्टूबर को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष डिजिटाइजेशन कैंप आयोजित किए जाएं।

​मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस कैंप की जानकारी साझा करें और छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित करें।

बीएलओ के पास जमा फॉर्म-6 (नाम जोड़ने), फॉर्म-7 (नाम हटाने) और फॉर्म-8 (संशोधन) के त्वरित और समयबद्ध डिजिटाइजेशन के लिए इन 3 दिनों के कैंप में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

​के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सुनवाई का मुख्य उद्देश्य पुरानी त्रुटियों को सुधारना नहीं, बल्कि वर्तमान मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाना और सभी पात्र भारतीय नागरिकों का निबंधन सुनिश्चित करना है।

​10 अक्टूबर को लगेगा मेगा हेल्पडेस्क

इसके साथ ही 10 अक्टूबर को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर मेगा हेल्पडेस्क का आयोजन किया जाएगा। इस हेल्पडेस्क के माध्यम से आम नागरिकों को नोटिस की सुनवाई, दावा-आपत्ति दर्ज कराने, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और प्रक्रिया से जुड़ी अन्य सभी जानकारियां दी जाएंगी।

झारखंड में एसआईआर के नाम पर फॉर्म-7 के जरिए थोक में काटे जा रहे मतदाताओं के नाम, भाकपा माले ने उठाई जांच की मांग

​रांची। भाकपा माले ने झारखंड में जारी 'एसआईआर' प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के राज्य सचिव मनोज भक्त ने राज्य कमिटी की ओर से चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में कई जगहों पर फॉर्म-7 का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे एक बेहद गंभीर मामला बताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

​मनोज भक्त ने कहा कि मतदाता सूची से इस प्रकार थोक में नाम हटाना पूरी तरह से लोकतंत्र विरोधी है। किसी भी सूरत में नागरिकों के मताधिकार के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​भाकपा माले ने जिन बूथों और प्रखंडों में फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाए गए हैं, वहां प्रभावित सभी मतदाताओं के नाम सार्वजनिक करने और जिन क्षेत्रों में किसी व्यक्ति की सिफारिश या अनुचित तरीके से थोक में नाम काटे गए हैं, वहां मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।