बोकारो। नई दिल्ली में संपन्न हुई नेशनल जॉइंट कमेटी फॉर स्टील (NJCS) की मैराथन बैठक में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के कामगारों के बोनस (एक्स-ग्रेशिया) पर अंतिम सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत सेल के नियमित कर्मचारियों को इस वर्ष 32,000 और प्रशिक्षुओं (ट्रेनीज) को 25,600 बोनस मिलेगा। यह राशि दुर्गा पूजा से पहले कर्मचारियों के खातों में भेज दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष नियमित कर्मचारियों को 29,500 मिले थे। इस बार यूनियन नेताओं ने पिछले साल की तुलना में अधिक राशि की मांग करते हुए 40,500 का दावा रखा था। सीटू के प्रतिनिधि ललित मोहन मिश्र सहित अन्य मजदूर नेताओं ने एकमत होकर पुरानी मांगों का हवाला देते हुए बोनस फॉर्मूले से अधिक राशि देने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच काफी बहस हुई। शुरुआत में प्रबंधन ने बोनस फॉर्मूले के आधार पर 30,109 (राउंड फिगर में 31,200) और प्रशिक्षुओं के लिए 24,960 का प्रस्ताव रखा, जिसे यूनियनों ने सिरे से खारिज कर दिया।
बातचीत बेनतीजा होते देख निदेशक (कार्मिक) के. के. सिंह ने बैठक से निकलकर सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमरेंदु प्रकाश से विचार-विमर्श किया। सीएमडी से वार्ता के बाद निदेशक (कार्मिक) ने स्पष्ट किया कि नियमित कर्मचारियों के लिए 32,000 और प्रशिक्षुओं के लिए 25,600 से अधिक देना किसी भी स्थिति में संभव नहीं है।
काफी देर तक चली खींचतान और विचार-विमर्श के बाद सभी यूनियन नेता इस प्रस्ताव पर सहमत हो गए और समझौते पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए।
