रांची। लोकसभा में विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा हल्द्वानी (उत्तराखंड) में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम का मामला उठाये जाने और इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराये जाने का मामला गरमा गया है। इस लेकर सोमवार को झारखंड में प्रदेश कांग्रेस ने रांची सहित राज्य के दूसरे जिलों में भी पुतला दहन किया।
रांची में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अगुवाई में प्रदेश कार्यालय से अल्बर्ट एक्का चौक तक विरोध मार्च निकाला गया। एफआईआर दर्ज कराये जाने के मामले में केंद्र सरकार की मिलीभगत के आरोप लगाये गये। सरकार के खिलाफ खूब नारे लगाये गये। पीएम नरेंद्र मोदी का पूतला भी फूंका गया। मौके पर केशव महतो कमलेश ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ साजिशन एफआईआर किया गया है। उत्तराखंड में भाजपाईयों के इशारे पर ऐसा हुआ है। केशव महतो ने मांग करते कहा कि शुद्धिकरण मामले में वास्तविक दोषी भाजपा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हो।
इस अवसर पर सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि हल्द्वानी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सांसद ने राहुल गांधी पर एफआईआर किये जाने को लोकतंत्र की हत्या बताया। कहा कि कांग्रेस पार्टी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रदेश प्रभारी डॉ. श्रीवेल्ला प्रसाद ने केंद्र पर आरोप लगाते कहा कि केन्द्र सरकार के इशारे पर उत्तराखंड पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई यह साबित करती है कि भाजपा सरकार दोषियों को बचाना चाहती है और सच्चाई को दबाना चाहती है। इस मामले में उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग की।
इस दौरान मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा तानाशाही पर उतर गयी है। पर उसके अन्याय और तानाशाही के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर सहित कई अन्य कांग्रेसी नेता भी उपस्थित रहे।
पुलिस से धक्का-मुक्की कई नेता हिरासत में

हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद आयोजित कथित 'शुद्धिकरण कार्यक्रम' को लेकर देशभर में छिड़ा सियासी संग्राम अब धनबाद तक पहुंच गया है। इस घटनाक्रम के विरोध में सोमवार को युवा कांग्रेस के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने धनबाद स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला कार्यालय का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय के भीतर घुसने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। हालांकि, मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने कार्यकर्ताओं को कार्यालय के भीतर प्रवेश करने से रोक दिया।
विरोध जताने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला और मनुस्मृति की प्रति जलाने का भी प्रयास किया। पुलिस ने समय रहते तत्परता दिखाते हुए दोनों वस्तुओं को अपने कब्जे में ले लिया और कार्यकर्ताओं की इस योजना को विफल कर दिया। युवा कांग्रेस के नेताओं का कहना था कि शुद्धिकरण जैसे कार्यक्रम देश में सामाजिक और राजनीतिक रूप से बेहद गलत संदेश देते हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने बाकी प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया।
