चास। बैंक ऑफ इंडिया इम्पलाइज यूनियन झारखंड स्टेट की कार्यकारिणी समिति की दो दिवसीय बैठक सोमवार और मंगलवार को चीरा चास स्थित ऑल हेवेन्स में संपन्न हुई। बैठक में बैंकों में कर्मचारियों की कमी, लंबे समय से अंतर-अंचलीय स्थानांतरण नहीं होने, ग्राहक सेवा प्रभावित होने और कर्मचारियों के लंबित अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन एवं फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ यूनियन्स के महासचिव दिनेश झा ‘ललन’ ने कहा कि बैंकों की कार्यप्रणाली में तेजी से बदलाव किए जा रहे हैं, लेकिन ये बदलाव न तो ग्राहकोन्मुख हैं और न ही कर्मचारियों के हित में। उन्होंने कहा कि नियमित बैंकिंग कार्यों के लिए अलग सहायक संस्थाएं बनाकर कम वेतन पर कर्मचारियों से काम कराने की कोशिश की जा रही है। इससे ग्राहक सेवा के साथ बैंक की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा होगा।
उन्होंने कहा कि स्थायी कर्मचारियों की बहाली नहीं होने तथा चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति बंद होने से बैंकिंग व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। संविदा कर्मियों और एक वर्ष के अप्रेंटिस के माध्यम से नियमित कार्य कराना कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। तकनीक के नाम पर कर्मचारियों की संख्या कम करने की नीति से बेरोजगारी बढ़ेगी और गुणवत्तापूर्ण ग्राहक सेवा प्रभावित होगी।
बैठक में सर्वसम्मति से कर्मचारियों की अविलंब बहाली, लंबित मांगों के समाधान और पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग की गई। निर्णय लिया गया कि मांगों को लेकर झारखंड के बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, जमशेदपुर और रांची अंचलों में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसमें हड़ताल भी शामिल होगी। आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर उसे लागू करने के लिए महासचिव को अधिकृत किया गया।
बैठक में फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ यूनियन्स का अखिल भारतीय त्रैवार्षिक अधिवेशन 2027 के फरवरी-मार्च में झारखंड में आयोजित करने पर भी सैद्धांतिक सहमति बनी।
उप महासचिव सिद्धेश नारायण दास ने कहा कि संगठन का कोई विकल्प नहीं है। अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए कर्मचारियों को और अधिक संगठित होने की जरूरत है। विवेकपूर्ण, संगठित और सतत संघर्ष ही एकमात्र विकल्प है।
बैठक में उपाध्यक्ष एसके जमील नासीर, शिवजी प्रसाद, कोषाध्यक्ष प्रदीप झा, संगठन सचिव राकेश मिश्रा, सहायक महासचिव तारक बनर्जी, नूरेन्द्र कुमार दास, साकेत कुमार शर्मा, राजेश कुमार, राकेश कुमार, शहबाज आलम सहित कार्यकारिणी के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे। बैठक को सफल बनाने में अजय कुमार, कृष्णा तिवारी, परमहंस कुमार, जगन्नाथ दास, इंद्रजीत चौधरी, राजकुमार और रविणव कुमार सहित अन्य ने योगदान दिया। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय वरीय उपाध्यक्ष एनके महाराज ने की।
