लोहरदगा। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी), भारत सरकार की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने शनिवार को लोहरदगा जिले के कुडू प्रखंड कार्यालय में आयोजित 'जनजातीय संवाद' कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली।

संवाद के दौरान प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की मुख्य समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जिनमें सीएनटी एक्ट का उल्लंघन के तहत आदिवासी भूमि के गैर-कानूनी हस्तांतरण और भूमि विवाद के मामले, ग्रामीण इलाकों में खराब सड़कें, जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र और आधारभूत सुविधाओं की कमी, सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, सरना और मसना स्थलों के निर्माण एवं संरक्षण से जुड़ी समस्याएं, जनजातीय समाज के संवैधानिक अधिकारों, कल्याण और विकास से जुड़े विभिन्न स्थानीय मुद्दे शामिल थे।

डॉ. आशा लकड़ा ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी तलब की और त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएनटी एक्ट के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और भूमि विवाद से जुड़े लंबित मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने, स्वास्थ्य व सड़क सुविधाओं को दुरुस्त करने और सरना-मसना स्थलों के संरक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के संवैधानिक अधिकारों और हितों की रक्षा के साथ-साथ उनकी समस्याओं का विधिसम्मत समाधान करना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इस संवाद कार्यक्रम में सात पंचायतों के मुखिया-रामेश्वर लोहरा, ललिता लकड़ा, सुखमनी टोपो, ललिता उरांव, दसमती उरांव, राजमुनी देवी के अलावा आईटीडीए की पीडी सुषमा निलिमा सोरेंग, जिला कल्याण पदाधिकारी सरस्वती कच्छप, कुडू के बीडीओ-सह-सीओ संतोष उरांव समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।