दुमका। जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार की शाम घटी इस घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। हैवानियत का आलम यह था कि आरोपियों ने किशोरी का मुंह दबाने और शोर मचाने से रोकने के लिए उसके मुंह में लकड़ी का टुकड़ा फंसा दिया था, जो पोस्टमार्टम के दौरान बाहर निकाला गया।
घटना के दिन शाम लगभग 4:00 बजे किशोरी अपने घर से करीब 700 मीटर दूर मैदान में बंधी गाय को खोलने गई थी। रास्ते में ही अपराधियों ने उसे अगवा कर लिया और पास की झाड़ियों में ले जाकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। पहचान छिपाने और पुलिस की कार्रवाई के डर से अपराधियों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
घरवालों ने जब तलाश शुरू की तो मैदान के पास किशोरी की चप्पल और छाता मिला, जिससे अपहरण की आशंका सच साबित हुई।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार दरिंदों ने किशोरी के साथ हैवानियत करने से पहले उसके मुंह में एक छोटी लकड़ी इस तरह फंसा दी थी कि वह चाहकर भी चिल्ला न सके। किशोरी चीखती रही, लेकिन उसकी आवाज झाड़ियों से बाहर नहीं आ सकी। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने उसके मुंह से लकड़ी का टुकड़ा निकाला। हालांकि, पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर इस बिंदु की पुष्टि होना अभी बाकी है।
घटनास्थल से पुलिस को एक जोड़ी लावारिस चप्पल मिली है। इसी आधार पर पुलिस को आशंका है कि अपराधी कोई बाहरी नहीं, बल्कि किशोरी के गांव या आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं।
शनिवार शाम को एसडीपीओ दिलीप खालखो ने ग्रामीणों से मुलाकात कर जांच में सहयोग की अपील की। पुलिस ने ग्रामीणों से चप्पल के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में मदद मांगी है, जिस पर ग्रामीणों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
उल्लेखनीय है कि इसी साल 22 मई को पीड़िता के गांव की ही एक 35 वर्षीय महिला का शव इसी तरह की परिस्थितियों में मिला था। वह भी शाम को शौच के लिए निकली थी और उसके साथ भी दरिंदगी कर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आशंका जताई जा रही है कि दोनों वारदातों के पीछे एक ही गिरोह का हाथ हो सकता है।
फिलहाल पुलिस सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
दुमका में आदिवासी किशोरी के साथ दरिंदगी की घटना के विरोध में लोग सड़क पर उतर आए। घटना से आक्रोशित झारखंड छात्र सभा के सदस्यों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। झारखंड छात्र सभा के बैनर तले एसपी कॉलेज से रैली निकाली गयी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आंबेडकर चौक पहुंची। यहां प्रदर्शनकारियों ने चौक को जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कीा
