रांची। झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का अपनी लंबित मांगों एवं अधिकारों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन जारी है। इस क्रम में बुधवार को राज्य के सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक धरना-प्रदर्शन कर कर्मियों ने सरकार का ध्यान कर्मचारियों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया। रांची में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संघ की ओर से कहा गया कि कर्मचारियों का जुलाई 2026 से वेतन लंबित है। इसके अतिरिक्त मनमाने ढंग से वेतन कटौती, एम्बुलेंस की समय पर मरम्मत नहीं होने तथा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली नहीं होने के कारण कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। संघ ने चेतावनी देते कहा कि सरकार के रवैये को देखते अब संघ 16 अक्टूबर को एकदिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल करेगा। इसकी सूचना सम्मान फाउंडेशन कंपनी एवं स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है। इसके तहत 15 अक्टूबर की रात 8 बजे से 17 अक्टूबर की सुबह 8 बजे तक राज्य में 108 एम्बुलेंस सेवाएं बाधित रहेंगी।

झारखण्ड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सूरज साहू ने कहा कि संघ की प्रमुख मांगों में 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से शुरू करना, बर्खास्त कर्मचारियों की पुनः बहाली, लंबित वेतन का भुगतान तथा सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकारों को लागू करना शामिल है।

उन्होंने विभागीय मंत्री पर एम्बुलेंस कर्मियों के मामले में सुस्ती बरते जाने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि समस्या की निदान के बजाय सरकार द्वारा एम्बुलेंस सेवा के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया जाना आपत्तिजनक है।कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान करने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था करना कर्मचारियों के हितों की अनदेखी है।