रांची। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बुधवार को नेपाल हाउस स्थित सचिवालय में भूमि संरक्षण निदेशालय के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने की मजबूरी से राहत दिलाने के उद्देश्य से प्रखंड स्तर पर कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इन केंद्रों पर खेती-किसानी से जुड़े विभिन्न कृषि यंत्र उपलब्ध रहेंगे, जिनका उपयोग किसान अपनी जरूरत के अनुसार किराये पर कर सकेंगे। इससे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को लाभ मिलेगा तथा कृषि कार्यों में आधुनिक मशीनों का उपयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी। एक महत्वपूर्ण फैसला गांवों में सामूहिक एवं सार्वजनिक उपयोग के लिए पक्के थ्रेसिंग फ्लोर के निर्माण की पहल करना रहा। मंत्री ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। वर्तमान में अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को धान की मिसाई, गेहूं की मड़ाई तथा मड़ुवा की कुटाई जैसे कार्यों के लिए समतल और उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पाता है। इसके कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सामूहिक पक्के थ्रेसिंग फ्लोर बनने से किसान सुविधाजनक तरीके से इन कार्यों को कर सकेंगे। बैठक में विभागीय सचिव अबूबकर सिद्दीक, विशेष सचिव गोपालजी तिवारी तथा भूमि संरक्षण निदेशक विकास कुमार उपस्थित रहे।