हजारीबाग। झारखंड के पूर्व मंत्री और प्रमुख नेता योगेंद्र साव को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के आरोप में कांग्रेस पार्टी से तीन साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए बुधवार को योगेंद्र साव ने स्पष्ट कहा कि पार्टी से निकाले जाने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। वह पार्टी नेता राहुल गांधी के लिए अपना काम जारी रखेंगे।
योगेंद्र साव ने झारखंड कांग्रेस के भीतर कुछ 'स्लीपर सेल' के सक्रिय होने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अच्छे काम करने वाले नेताओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग झारखंड मुक्ति मोर्चा और मुख्यमंत्री के इशारे पर काम कर रहे हैं और इन्हें कांग्रेस पार्टी के विस्तार से कोई मतलब नहीं है।
पूर्व मंत्री ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में वह राजनीतिक मैदान में अपने तेली समाज के साथ मिलकर एक बड़ी लकीर खींचने की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस कदम पर उन्हें व्यापक जनसमर्थन प्राप्त होगा। इसके साथ ही उन्होंने खुद को कांग्रेस का समर्पित कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि पार्टी से निष्कासित किए जाने के बावजूद वह हमेशा कांग्रेस के साथ खड़े हैं और आगे भी इसके लिए काम करेंगे। साथ ही, उन्होंने जल्द ही दिल्ली जाकर राहुल गांधी से मुलाकात करने की भी बात कही।
झारखंड सरकार पर हमला बोलते हुए योगेंद्र साव ने कहा कि राज्य में गलत के खिलाफ बोलने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आप अधिकारियों के गलत रवैये और सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं या जनता के साथ खड़े होते हैं, तो आप पर कार्रवाई तय है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य में सुरक्षित रहने के लिए चापलूसी और झूठ बोलना जरूरी हो गया है।
