​रांची। झारखंड में 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने सोमवार से अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है। 'झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ' के आह्वान पर आंदोलन के पहले दिन राज्यभर के कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया।

​कर्मियों की मुख्य मांगों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक के निर्देशों के अनुसार जिला स्तर पर सरकारी माध्यम से 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन शुरू किया जाए।'सम्मान फाउंडेशन' द्वारा हटाए गए कर्मचारियों को उनके संबंधित जिलों में वापस काम पर लिया जाए।ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन सहित सभी श्रम अधिकारों को सुनिश्चित किया जाए।

आंदोलन के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि ​19 सितंबर तक सभी कर्मी काम के दौरान काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराएंगे।​19 सितंबर को सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक कैंडल मार्च होगा।​21 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष भिक्षाटन प्रदर्शन,

​23 सितंबर को धरना-प्रदर्शन,​25 सितंबर को राज्यव्यापी एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल और एनएचएम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन होगा।मांगें पूरी न होने पर 28 सितंबर से राज्यभर में काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

​संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार से लगातार आग्रह के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।