रामगढ़। गुरुद्वारा साहिब में सिखों के चौथे गुरु, धन-धन श्री गुरु रामदास जी महाराज का प्रकाश पर्व (जयंती) बेहद श्रद्धा, भक्ति और बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पावन और पवित्र अवसर पर गुरुद्वारा परिसर पूरी तरह से गुरु की वाणी और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

संध्या में विशेष दीवान सजाकर शबद-कीर्तन और अरदास के जरिए संगत ने गुरु महाराज के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट की। इस धार्मिक उत्सव की एक खास विशेषता यह रही कि स्त्री सत्संग (स्त्री संग) की महिलाओं ने पूरी श्रद्धा और सेवा भाव के साथ गुरु का अटूट लंगर तैयार कर श्रद्धालुओं को बरताया, जिसमें बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालुओं ने शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।

बता दे कि विशेष दीवान और कीर्तन: गुरुपर्व के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा साहिब में भव्य सजावट की गई थी और विशेष धार्मिक दीवान सजाया गया। रागियों और ज्ञानी जी ने श्री गुरु रामदास जी के जीवन दर्शन, उनकी विनम्रता और नि:स्वार्थ सेवा के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

स्त्री संग की अटूट सेवा: लंगर सेवा की पूरी कमान स्त्री सत्संग सभा ने संभाली, जहां संगत की तन-मन से सेवा की।

गुरु रामदास जी का संदेश गुरु रामदास जी ने हमेशा समाज में समानता, विनम्रता और 'सेवा-सिमरन' का संदेश दिया। उन्हें पवित्र नगरी अमृतसर और हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) के संस्थापक के रूप में भी याद किया जाता है।

कार्यक्रम में गुरुद्वारा साहिब के प्रधान परमदीप सिंह कालरा मीत प्रधान अमरजीत सिंह सैनी हैप्पी छाबड़ा महासचिव हरदीप सिंह, कुलवंत सिंह मारवाह, जोगेन्द्र सिंह जग्गी रघुवीर सिंह छबड़ा, प्रीतम सिंह कालरा, गुरजीत सिंह सलूजा, हरप्रीत सिंह खालसा नरेंद्र सिंह चमन मनपाल सिंह सोनी, अनमोल सिंह आनंद, गुल्लू आनंद गुरजोत सिंह, स्त्री सत्संग की ओर से परमजीत कौर भुसरी, जसप्रीत कौर करमजीत कौर गगन कौर सुखमीत कौर, सोनी रोमी छाबड़ा, सुमी जोली,चरणजीत कौर, जॉली मनप्रीत कौर सैनी बलविंदर कौर छाबड़ा, रविंदर कौर पवार, सहित सिख समाज के बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु शामिल हुए।