रांची। प्रोजेक्ट भवन स्थित सभागार में वाणिज्य कर मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में राज्य के राजस्व संग्रहण की समीक्षा बैठक हुई। अगस्त तक निर्धारित 41 फीसदी के लक्ष्य के मुकाबले केवल 34.05 फीसदी ही राजस्व संग्रहण होने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिसंबर में होने वाली अगली समीक्षा बैठक तक जिन अधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहेगा, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राज्य के कुल ₹46,000 करोड़ के राजस्व लक्ष्य में से अकेले ₹24,000 करोड़ का बड़ा हिस्सा वाणिज्य कर विभाग को हासिल करना है। मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के फैसलों से राज्य की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। लगभग ₹4,000 करोड़ के नुकसान की आशंका है।वीबी-जी राम-जी योजना में हिस्सेदारी का बदलाव के कारण₹ 4,000 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। राज्य को करीब ₹14,000 करोड़ के भारी राजस्व नुकसान की आशंका, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
केंद्रीय नीतियों से हो रही आर्थिक क्षति की भरपाई के लिए आय के नए स्रोत बढ़ाने पर जोर देते हुए मंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण को केवल औपचारिकता न समझें; कर चोरी रोकने और बकाया वसूली को शीर्ष प्राथमिकता दें।
लंबित ऑडिट आपत्तियों पर त्वरित विभागीय कार्रवाई करते हुए उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।
इस बैठक में वाणिज्य कर विभाग के सचिव, अपर आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त और सहायक आयुक्त समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
