रांची। झारखंड सरकार ने राज्य की महिला किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक बड़ी पहल की है। 'महिला किसान खुशहाली योजना' के तहत अगले पांच वर्षों में समेकित कृषि के जरिए 1680 महिलाओं को 'आदर्श किसान' (मॉडल फार्मर) के रूप में विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है।

रांची में आयोजित राज्य स्तरीय स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन वर्कशॉप के दौरान कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि यह पहल महिला किसानों के आर्थिक स्वावलंबन में एक नया अध्याय जोड़ेगी।

इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक जिले से 70 महिलाओं को समेकित खेती से जोड़ा जाएगा। इसके जरिए पहले वर्ष में 350 और अगले पांच वर्षों में कुल 1680 महिला किसानों को मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा।

समेकित कृषि मॉडल को अपनाने के लिए किसानों को 7 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिस पर सरकार सब्सिडी भी प्रदान करेगी।योजना में आदिवासी, पिछड़े और सामाजिक रूप से वंचित वर्ग की महिला किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

पारंपरिक एकल-फसल प्रणाली पर निर्भरता कम करने के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन, उद्यान और भू-संरक्षण को जोड़कर बहु-फसलीय खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

कार्यशाला के दौरान यह बात भी सामने आई कि राज्य में कई महिलाएं अपनी जमीन न होने के बावजूद लीज पर जमीन लेकर खेती कर रही हैं। इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के विशेष सचिव गोपालजी तिवारी, जेएसएलपीएस के सीईओ अनन्य मित्तल, कृषि निदेशक विद्यानंद पंकज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और महिला किसान मौजूद थीं।