रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखण्ड के कार्यालय द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखण्ड के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची 2026” का समापन गुरुवार को रांची में हो गया। इस अवसर पर जानकारों ने मतदाता पंजीकरण और शुद्ध मतदाता सूची को सार्थक लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया। लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल ने अपने समापन संबोधन में कहा कि सार्थक लोकतांत्रिक सहभागिता की आधारशिला मतदाता पंजीकरण एवं शुद्ध मतदाता सूची से ही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि वह प्रवेश द्वार है, जिसके माध्यम से नागरिक औपचारिक निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं।
राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता ने सम्मेलन में सभी के योगदान की सराहना करते कहा कि इसने मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची प्रबंधन से संबंधित शोध, ज्ञान, अनुभवों एवं उत्कृष्ट प्रथाओं को साझा करने के लिए एक सार्थक मंच उपलब्ध कराया। दो दिवसीय सम्मेलन की रैपोर्टियर रिपोर्ट केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखण्ड की सोलिका रानी एवं ऋतुपर्णा पालेई द्वारा प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में उद्घाटन, पैनल एवं तकनीकी सत्रों का समग्र विवरण प्रस्तुत करते हुए सम्मेलन के दौरान सामने आए प्रमुख विषयों, निष्कर्षों एवं दृष्टिकोणों को रेखांकित किया गया। मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूचियों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं और अनुभवों पर भी चर्चा हुई, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, एस्टोनिया, स्वीडन, घाना एवं दक्षिण अफ्रीका सहित विभिन्न देशों की निर्वाचन प्रणालियों और प्रथाओं का उल्लेख किया गया। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, निर्वाचन विभाग के नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर्स तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखण्ड के कार्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित थे।
भाजपा नेताओं के पास से अवैध फॉर्म-7 मिलने का आरोप
रांची। झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के दौरान मतदाता सूची से कथित तौर पर अवैध रूप से नाम हटाने की साजिश का मामला तूल पकड़ने लगा है। सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर राज्य के विभिन्न जिलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं और बूथ स्तर के एजेंटों (बीएलए) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ज्ञापन के अनुसार गढ़वा,गोड्डा और चतरा जिलों के विभिन्न बूथों पर भाजपा कार्यकर्ताओं और बीएलए के पास से भारी मात्रा में भरे हुए अवैध 'फॉर्म-7' (मतदाता सूची से नाम हटाने या आपत्ति दर्ज करने का फॉर्म) बरामद किए गए हैं। झामुमो का दावा है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और वास्तविक मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित करने की एक संगठित साजिश है।
ज्ञापन में कहा गया है किजेपीएससी-जेएसएससी कि निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए अनधिकृत रूप से फॉर्म-7 का भंडारण किया गया। गढ़वा के रंका प्रखण्ड, गोड्डा के बाघाकोल पंचायत तथा चतरा के टण्डवा प्रखण्ड स्थित विभिन्न बूथों के बीएलए और कार्यकर्ताओं के नाम लेकर अवैध रूप से फॉर्म जमा करने के आरोप लगाए गए हैं।
वास्तविक और वैध मतदाताओं के नाम दुर्भावनापूर्ण तरीके से सूची से कटवाने की साजिश की आशंका जताई गई है।
झामुमो ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए।दोषी पाए जाने वाले कार्यकर्ताओं और बीएलए पर सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई हो। गढ़वा, गोड्डा, चतरा और ऐसे अन्य प्रभावित जिलों में हाल ही में जमा किए गए सभी फॉर्म-7 के आधार पर नाम हटाने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए।
प्रत्येक आपत्ति का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराया जाए।
निष्पक्षता बनाए रखने वाले संबंधित बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को सम्मानित किया जाए।
झामुमो ने चेतावनी दी है कि यदि पात्र मतदाताओं के नाम अवैध रूप से हटाने की कोशिशों पर विराम नहीं लगा, तो पार्टी संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत पूरे राज्य में आंदोलनात्मक कदम उठाएगी।
