रांची। झारखंड में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) के तहत 40 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की आशंका गहरा गई है। इस स्थिति पर प्रदेश कांग्रेस ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि एसआईआर के तहत तैयार की जा रही 'एएसडीडी' सूची में 27 जुलाई तक संदिग्ध मतदाताओं की संख्या बढ़कर 40,04,817 तक पहुंच गई है, जो बेहद गंभीर विषय है।
वार्ता के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि 5 अगस्त के बाद वे भारत निर्वाचन आयोग से प्रक्रिया की समय-सीमा में 15 दिनों के विस्तार की सिफारिश करेंगे।
केशव महतो कमलेश ने कहा कि एएसडीडी सूची में लगातार हो रही बढ़ोतरी में सबसे चिंताजनक पक्ष 'लापता' श्रेणी के मतदाताओं का है। रांची, हटिया, कांके, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर पश्चिम जैसे प्रमुख शहरी विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे मतदाताओं की संख्या 75 हजार से 1.15 लाख तक दर्ज की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य में डिजिटाइजेशन का काम संतोषजनक स्थिति में है, तब इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं का अनुपस्थित या लापता दिखना संदेह पैदा करता है।
कांग्रेस नेताओं ने ध्यान दिलाया कि देवघर, दुमका और आसपास के जिलों में 'बाबाधाम सावन मेला' की शुरुआत हो चुकी है, जिससे आम जनता के साथ-साथ प्रशासनिक तंत्र भी मेले की व्यवस्थाओं में व्यस्त है। इसके अलावा, कई क्षेत्रों से यह शिकायतें आ रही हैं कि बीएलओ फॉर्म जमा लेने के बाद मतदाताओं को हस्ताक्षरयुक्त पावती रसीद नहीं दे रहे हैं।
पार्टी का कहना है कि एएसडीडी सूची का दायरा काफी बड़ा होने और अनमैपिंग सूची का अब तक प्रकाशन न होने के कारण आम मतदाताओं पर अनावश्यक मानसिक दबाव बढ़ रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए इन्यूमरेशन फेज के साथ-साथ नोटिस और सुनवाई प्रक्रिया की समय-सीमा को आगे बढ़ाया जाए।
