बोकारो। बोकारो के टू टैंक गार्डन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे विस्थापित अप्रेंटिस संघ एवं विस्थापित परिवारों ने पूर्व विधायक एवं झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री वीर समरेश सिंह की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने उनके संघर्षपूर्ण जीवन, जनसेवा और विस्थापितों के अधिकारों के लिए किए गए आंदोलनों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

वक्ताओं ने कहा कि वीर समरेश सिंह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि जनभावनाओं की आवाज और झारखंड की माटी से जुड़े संघर्षशील जननेता थे।

विस्थापितों ने कहा कि आज बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना के लिए अपनी जमीन, घर और पुश्तैनी पहचान कुर्बान करने वाले परिवार अपने अधिकारों और रोजगार के सवाल पर संघर्ष करने को मजबूर हैं। विस्थापित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान, योग्य विस्थापित युवाओं को रोजगार तथा अप्रेंटिस प्रशिक्षित युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना समय की मांग है।

वक्ताओं ने भावुक स्वर में कहा कि वीर समरेश सिंह ने जिस संघर्ष और जनसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया, उसे आज भी जीवित रखने की आवश्यकता है। उनकी जयंती पर विस्थापितों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बीच उन्हें श्रद्धांजलि देना इस बात का प्रतीक है कि उनके विचार और संघर्ष आज भी प्रासंगिक हैं।

विस्थापित अप्रेंटिस संघ एवं विस्थापित परिवारों ने बीएसएल प्रबंधन से मांग की कि विस्थापितों की जायज मांगों को गंभीरता से लेते हुए वार्ता के माध्यम से ठोस समाधान निकाला जाए। वर्षों से लंबित समस्याओं का निष्पक्ष निराकरण हो तथा विस्थापित युवाओं को उनका उचित अधिकार मिले।

अंत में उपस्थित लोगों ने वीर समरेश सिंह को नमन करते हुए कहा कि विस्थापितों के अधिकार,सम्मान और न्याय की लड़ाई शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी।उनके संघर्षों से प्रेरणा लेकर विस्थापित समाज अपने हक की आवाज बुलंद करता रहेगा।

इस अवसर पर राज कुमार सिंह अघणु रजवार, दुर्गा चरण महतो, सुनील, जन्म जय महतो, विक्रम सिंह, प्रदीप महतो, रंजीत चंद्रकांत, सुरेंद्र, अशोक, आमोद,किशोर, जिलानी, प्रदीप सोरेन, रघुनाथ महतो, हसानुल्लाह, संजय दास, केसर, आशीष, शाहिद उपस्थित रहे।