रांची। स्वास्थ्य,चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें सभी जिलों के सिविल सर्जन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के पदाधिकारी और टीबी मुक्त भारत अभियान से जुड़े अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में मुख्य रूप से टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति, स्वास्थ्य कर्मियों के लंबित मानदेय भुगतान और एम्बुलेंस सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की गई।
जिन जिलों के प्रदर्शन और सूचकांक संतोषजनक नहीं पाए गए, उन्हें 24 घंटे के भीतर आवश्यक सुधार कर अद्यतन जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करने का सख्त निर्देश दिया गया।
अपर मुख्य सचिव ने सभी पात्र टीबी मरीजों के बैंक खातों में लंबित आर्थिक सहायता राशि का तत्काल हस्तांतरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र मरीज योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
वेतन और मानदेय भुगतान पर प्राथमिकता
दीपावली से पहले भुगतान: एनएचएम के संविदा कर्मियों, आउटसोर्स कर्मियों और सहियाओं के लंबित मानदेय व वेतन का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया गया।
30 सितंबर तक के सभी लंबित भुगतानों का निपटारा करने को कहा गया है। चेतावनी दी गई है कि भुगतान में लापरवाही बरतने वाले जिला या प्रखंड लेखा प्रबंधक और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ममता वाहनों के लंबित भुगतान से संबंधित विवरण भी अद्यतन करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुरानी एम्बुलेंस की होगी नीलामी
108 एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि जो एम्बुलेंस परिचालन में नहीं हैं, सात वर्ष से अधिक पुरानी हैं तथा डेढ़ लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं, उन्हें अनुपयोगी घोषित कर नीलाम किया जाए। ऐसी एम्बुलेंस को तुरंत अस्पताल परिसर से हटाने को भी कहा गया है।
बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल और स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सहित अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
