रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा कांग्रेस कार्यालय घेराव किए जाने पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा पर हमला बोलते हुए स्पष्ट किया कि कांग्रेस न तो धमकियों से डरती है और न ही दबाव की राजनीति के आगे झुकती है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि जो पार्टी विपक्ष के जायज सवालों का जवाब देने के बजाय प्रदर्शन, घेराव और टकराव की राजनीति का सहारा लेती है, उसे सबसे पहले अपने शीर्ष नेतृत्व की भाषा और आचरण का हिसाब देना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अतीत में दिए गए '50 करोड़ की गर्लफ्रेंड' और 'कांग्रेस की विधवा' जैसे कथित बयानों पर सवाल उठाना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है।
श्री सिन्हा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का पद किसी को भी सार्वजनिक आलोचना से ऊपर नहीं कर देता। प्रधानमंत्री की कुर्सी जितनी बड़ी होती है, उससे जुड़ी जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती है। राजनीतिक संवाद को व्यक्तिगत कटाक्षों तक गिराने वाली भाषा पर सवाल उठते रहे हैं और आगे भी उठते रहेंगे।
राकेश सिन्हा ने भाजपा से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री द्वारा अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाना राजनीतिक साहस माना जाए और जब विपक्ष उस पर सवाल उठाए तो उसे अपराध ठहराया जाए—यह दोहरा मापदंड आखिर कब तक चलेगा?
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब विपक्ष के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल होता है, तब उसकी नैतिकता कहां सो जाती है? और जब कांग्रेस उसी भाषा पर सवाल खड़े करती है, तो भाजपा को आपत्ति क्यों होती है?
